नागदा में समय पर उपचार ने बचाई 30 वर्षीय युवक की जान

नागदा में चौधरी हॉस्पिटल के डॉ. सुनील चौधरी ने समय पर उपचार कर 30 वर्षीय सनी गोयल की जान बचाई। अचानक आए हार्ट अटैक के बाद डॉक्टर की तत्परता और अनुभवी निर्णय से युवक को नया जीवन मिला। परिजनों ने डॉक्टर की टीम का आभार जताया और लोगों ने सेवाभाव की सराहना की।

Read More

बादल फटने की त्रासदी

वर्ष 1983 में मेरी प्रथम प्रशासनिक तैनाती के दौरान अल्मोड़ा जिले के दूरस्थ करमी गाँव में घटित बादल फटने की घटना ने मुझे पहाड़ों में जीवन और प्राकृतिक आपदाओं की भयावहता का जीवंत अनुभव कराया। पैदल मार्ग से उच्च पहाड़ी इलाक़ों तक पहुँचना कठिन था, लेकिन गाँववालों की व्यथा और घटना के दृश्य ने मेरी संवेदनाएँ झकझोर दीं। इस घटना में लोगों के घर बह गए, कई लोग घायल हुए और मृतक भी हुए। उस समय का अनुभव आज भी मेरी स्मृति में जीवंत है और यह प्रशासनिक कार्य के दौरान मिली असली चुनौती और सीख का प्रतीक बना।

Read More
बेटे का इंतजार करती मां की भावुक और प्यार भरी यादें –

जिसने अक्षर नहीं, जीवन पढ़ाः मेरी मां

बाई पढ़ी-लिखी नहीं थीं, पर जीवन की भाषा उन्हें पूरी तरह आती थी। बचपन की जिम्मेदारियों ने उन्हें समय से पहले माँ बना दिया। स्वाभिमान उनकी साँसों में था और ममता उनके कर्मों में। टूटकर भी न बिखरने वाली इस स्त्री ने चुपचाप पूरा घर थामे रखा और अंत में, हरी रेखाओं के बीच, अपने होने का आख़िरी संकेत दे गई।

Read More

शून्य सा वज़ूद रखा कीजिए 

एक करोड़पति इंसान, जो केवल अपनी कमाई में बढ़ते शून्य और दिखावे की भीड़ में संतुष्टि ढूंढता है, वास्तव में भीतर से सबसे दरिद्र हो सकता है। अमीरी केवल धन से नहीं, बल्कि विनम्रता, आत्म-संयम और नि:स्वार्थ सेवा से मापी जाती है। जो व्यक्ति अपने सामान्य कार्यों को करने में शर्म करता है और केवल दिखावे के लिए दान करता है, उसका अहंकार अंततः उसे अकेला छोड़ देता है। शून्य बनकर रहना सीखिए – जो किसी के साथ जुड़ जाए तो उसकी कीमत बढ़ा देता है, पर स्वयं का कोई घमंड नहीं रखता।

Read More

उफनते दरिया, टूटते पहाड़ : क़ुदरत से छेड़खानी का परिणाम

पहाड़ों पर ऐसी तबाही पहले कभी नहीं देखी गई। मानसून का इंतजार कर रहे इलाकों में अब प्रलय का मंजर है। उफनती नदियों ने अपनी हुंकार से पहाड़ों को रेत की तरह तोड़ डाला है। चट्टानें दरक रही हैं, रास्ते धंस रहे हैं और जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से धरती जलमग्न होती जा रही है और पानी का तांडव जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रहा है।

मैदानों में भी हालात कम भयावह नहीं हैं। सड़के सैलाब में तब्दील हो रही हैं, लोग अपने घरों से विस्थापित हो रहे हैं और बेबस होकर जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। हर ओर त्राहि-त्राहि मची है।

Read More

प्रेम और नफ़रत

प्रेम वह शक्ति है जो जीवन को जोड़ती है और नफ़रत वह आग है जो उसे भस्म कर देती है। जहाँ प्रेम होता है, वहाँ मुस्कान होती है; जहाँ नफ़रत होती है, वहाँ विनाश। इसलिए प्रेम बाँटिए, नफ़रत छोड़िए क्योंकि प्रेम ही सच्ची मानवता है।

Read More

“इश्क़, एल्कोहल और ऑक्सीटोसिन

नब्बे का दशक इश्क़, संगीत और साइंस की जुगलबंदी का दौर था — जब रिकी मार्टिन दिलों पर राज कर रहे थे और वैज्ञानिक प्यार का फार्मूला गढ़ रहे थे। यह लेख उस मोहब्बती समय की एक संवेदनशील, हास्य-विनोद और आत्ममंथन से भरी झलक है।

Read More

शिक्षक का आशीर्वाद

बचपन में मैंने अक्सर शिक्षक बनने का खेल खेला था। आज समझ आता है कि वह खेल केवल खेल नहीं था, बल्कि एक गहरी सीख थी। शिक्षक होना वास्तव में प्रेम, धैर्य और आनंद की कला है। हर विद्यार्थी अलग होता है और उसके लिए नए ढंग से समझ का ताना-बाना बुनना पड़ता है।

शिक्षक की सबसे बड़ी पहचान उसकी सरलता है—वह कठिन से कठिन विषय भी सहज तरीके से समझा देता है। यही ईश्वर का दिया हुआ अमूल्य उपहार है। गुरु और शिष्य का रिश्ता पवित्र और जीवनभर साथ रहने वाला होता है। गुरु का आशीर्वाद शब्दों से भी भारी है, क्योंकि वही जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है।

Read More

मैं सच को बयां करती हूं

डॉ.नेत्रा रावणकर, प्रसिद्ध साहित्यकार, उज्जैन मैं सच को बयां करती हूंअंगारों पर चलती हूंमैं गीत नए रचती हूंख्वाब नए चुनती हूं गहन तम को चीरकरअरुणिमा जगाती हूंटूटकर बिखरती हूंखुद को पिरो लेती हूं सूरज से आग लिएदीपक से राग लिएधरती का हरितस्वप्नआंचल में सजाती हूं कांटो की पृष्ठ परफूलों की कलम सेवसंत की आस लिएपतझड़…

Read More

करतब दिखाते समय युवक बुरी तरह झुलसा,

फूल डोल चल समारोह के दौरान एक युवक करतब दिखाते समय बुरी तरह झुलस गया। घटना टॉवर चौराहे पर हुई, जहां अखाड़े का युवक गाड़ी पर चढ़कर मुंह में पेट्रोल डालकर आग के गोले बनाने का प्रदर्शन कर रहा था। इसी दौरान अचानक हादसा हो गया। प्रकाश नगर निवासी युवराज, पिता राजकुमार मरमट, इस हादसे…

Read More