महिमा अपरम्पार सदाशिव,
करते सबसे प्यार सदाशिव।
तीनों लोकों के वो स्वामी,
करते हैं उद्धार सदाशिव।।
गुरु पद धारण करने वाले,
निर्माता अवतार सदाशिव।
दया प्रेम करुणा सह भरते,
भावों के भंडार सदाशिव।।
डम डम डम डम डमरू बाजें,
चढ़े दूध जल धार सदाशिव।
महिमा अपरम्पार सदाशिव,
करते सबसे प्यार सदाशिव।।
अंत नहीं, आरंभ न जिसका,
निर्विकार साकार सदाशिव।।
गिरिजा के हैं नाथ महेश्वर
शिव-शंभू ओंकार सदाशिव।।
कण-कण में साक्षात विराजे,
जग जाने दातार सदाशिव।।
महिमा अपरम्पार सदाशिव,
करते सबसे प्यार सदाशिव।।
भस्म रमाए शिव अंगों पर ,
धार सर्प का हार सदाशिव।
अविनाशी काशी के वासी
नन्दी हुए सवार सदाशिव।।
मन मंदिर में भोले बसते
करते जय जयकार सदाशिव।
महिमा अपरम्पार सदाशिव,
करते सबसे प्यार सदाशिव।।

रीमा राय सिंह, प्रसिद्ध लेखिका एवं समाजसेविका मुंबई