
सुरेश परिहार, लाइव वॉयर न्यूज पुणे
वैलेंटाइन वीक को लेकर हर साल एक ही बहस छिड़ती है—क्या यह प्यार का उत्सव है या बाज़ार की चाल. गुलाब, चॉकलेट, टेडी और किस डे जैसे दिन अक्सर ‘क्रिंज’ कहकर खारिज कर दिए जाते हैं. लेकिन इस बार वैलेंटाइन वीक एक नए नज़रिए से चर्चा में है. रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स और मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह पूरा सप्ताह अनजाने में ही ‘लव लैंग्वेज थ्योरी’ पर आधारित है, जो आज के दौर में रिश्तों को समझने की सबसे लोकप्रिय अवधारणाओं में से एक मानी जाती है.विशेषज्ञों के मुताबिक, वैलेंटाइन वीक के हर दिन का सीधा संबंध इंसान के प्यार जताने और प्यार महसूस करने के तरीकों से है. मशहूर लेखक गैरी चैपमैन की ‘फाइव लव लैंग्वेजेस’ थ्योरी शब्दों के ज़रिये अपनापन, समय देना, उपहार देना, सेवा भाव और शारीरिक स्नेह आज रिश्तों की समझ का अहम हिस्सा बन चुकी है. हैरानी की बात यह है कि वैलेंटाइन वीक के दिन इन्हीं पांचों भावनात्मक ज़रूरतों को क्रमवार छूते हैं.प्यार की भाषा और वैलेंटाइन वीक का कनेक्शन
आज हर दूसरा इंसान जानता है कि प्यार जताने और महसूस करने के तरीके अलग-अलग होते हैं.
कोई चाहता है कि उसे तारीफ सुनाई जाए.कोई चाहता है साथ में वक्त.किसी के लिए गिफ्ट मायने रखते हैं, तो किसी के लिए स्पर्श या देखभाल.यानी हर इंसान की अपनी Love Language होती है. और मज़ेदार बात यह है कि वैलेंटाइन वीक का हर दिन, बिना किसी प्लान के, इन सभी भाषाओं को कवर कर देता है.
रोज़ डे: गिफ्ट्स की भाषा
7 फरवरी का रोज़ डे सिर्फ फूल देने का दिन नहीं है. यह उस इंसान के लिए खास है जिसकी लव लैंग्वेज है “गिफ्ट रिसीविंग”.
गुलाब की कीमत नहीं, उसका मतलब मायने रखता है
“मैंने कुछ देखा और मुझे तुम याद आए.”
प्रपोज़ डे: शब्दों की ताकत
8 फरवरी का प्रपोज़ डे उन लोगों के लिए है जिन्हें Words of Affirmation चाहिए.
“मुझे तुम पसंद हो.”“मैं तुमसे प्यार करता हूँ.”“मेरे साथ रहोगे.” सीधे शब्द, बिना घुमाव, बिना अंदाज़े. यह दिन सिखाता है कि प्यार जताने के लिए चुप रहना काफी नहीं होता.
चॉकलेट डे: मिठास के साथ देखभाल
9 फरवरी का चॉकलेट डे गिफ्ट और केयर का कॉम्बो है.जब कोई आपकी पसंद की चॉकलेट लाता है, या खुद आपके लिए कुछ बनाता है, तो वह सिर्फ मिठाई नहीं दे रहा-वह यह कह रहा है, “मैंने तुम्हारे लिए मेहनत की.”
टेडी डे: दूर रहकर भी पास
10 फरवरी का टेडी डे दरअसल Physical Touch का प्रतीक है.एक टेडी एक ऐसा हग है जिसे आप तब पकड़ सकते हैं, जब असली इंसान पास न हो.यह आराम, सुरक्षा और अपनापन देता है.
प्रॉमिस डे: भरोसे की भाषा
11 फरवरी का प्रॉमिस डे सिर्फ वादों का दिन नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा का दिन है.
“मैं साथ रहूँगा.” “मैं छोड़कर नहीं जाऊँगा.”जिन्हें शब्दों से भरोसा चाहिए, उनके लिए यह दिन बेहद अहम है.
हग डे और किस डे: स्पर्श की ताकत
12 फरवरी का हग डे और 13 फरवरी का किस डे बिना किसी फिल्टर के Physical Touch हैं.
एक गले लगना या एक किस कई बार हजार शब्दों से ज्यादा कह जाता है-“तुम सुरक्षित हो.”“मैं यहीं हूँ.”
वैलेंटाइन डे: सब कुछ एक साथ
14 फरवरी का वैलेंटाइन डे इस पूरे हफ्ते का फिनाले है.
यह दिन Quality Time और Acts of Service का जश्न है. डेट प्लान करना, समय निकालना, ध्यान देना, कुछ खास करना
यही असली प्यार है.
असली लव लैंग्वेज: कोशिश
अगर वैलेंटाइन वीक का कोई असली मतलब है, तो वह है Effort. प्यार एक दिन का काम नहीं है. एक तरीका काफी नहीं होता.यह हफ्ता हमें सिखाता है कि अगर आप किसी से प्यार करते हैं, तो उसकी भाषा सीखनी पड़ेगी.
सिर्फ अपनी नहीं, उसकी भी.
तो शायद हम गलत थे
शायद वैलेंटाइन वीक कभी क्रिंज नहीं था.शायद हम ही उसे समझने में देर कर रहे थे.यह हफ्ता हमें याद दिलाता है कि प्यार एक नहीं, कई रंगों का होता है.और सच्चा रोमांस वही है, जो सामने वाले की ज़रूरत के हिसाब से खुद को ढाल ले.तो इस वैलेंटाइन वीक, आंखें घुमाने से बेहतर है. थोड़ा समझने की कोशिश करें.
क्योंकि आखिरकार, प्यार की सबसे खूबसूरत भाषा है-कोशिश.