वैलेंटाइन डे जरूरी नहीं, प्यार रोज़ होना चाहिए

वैलेंटाइन डे जरूरी नहीं, रोज़ के छोटे पल ही बनाते हैं मजबूत रिश्ता happy couple

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वॉयर न्यूज, पुणे

आजकल वैलेंटाइन डे का मतलब हो गया है महंगे गिफ्ट, भीड़भाड़ वाले रेस्टोरेंट और सोशल मीडिया पर दिखावा. लेकिन क्या सच में प्यार साबित करने के लिए 14 फरवरी जरूरी है.

मैं अपने पति के साथ पिछले दस साल से हूँ. हमने दूरी भी झेली, समय भी दिया और धीरे-धीरे एक-दूसरे के साथ जिंदगी बनाई. कुछ महीने पहले हमारी शादी हुई, लेकिन वह किसी नई शुरुआत से ज्यादा एक लंबी मेहनत की जीत जैसी थी.

इस वैलेंटाइन डे पर हम कोई खास प्लान नहीं बना रहे. मैं अपनी बहन के साथ बाहर जाऊँगी, हँसूँगी, बातें करूँगी. मेरे पति घर पर आराम करेंगे, टीवी देखेंगे. और इसमें कुछ भी गलत नहीं है.

छोटे-छोटे पल ही असली प्यार हैं

असल में प्यार बड़े सरप्राइज या महंगे डिनर में नहीं होता. प्यार उन छोटी बातों में होता है, जैसे सुबह कॉफी कैसे पीनी है, यह बिना बताए समझ जाना. देर हो जाए तो एक मैसेज कर देना कि मैं ठीक हूँ.

इन्हीं छोटी बातों को आजकल लोग ‘माइक्रो-रोमांस’ कह रहे हैं. यानी रोज़मर्रा के छोटे-छोटे प्यार भरे काम. यही चीजें रिश्ते को मजबूत बनाती हैं. जब पूरे साल ऐसे पल मिलते रहें, तो एक दिन का जबरदस्ती का रोमांस जरूरी नहीं लगता.

दिखावे का दबाव क्यों

वैलेंटाइन डे कई बार रिश्तों की परीक्षा बन जाता है.
गिफ्ट कितना महंगा है. डिनर कितना शानदार है. फोटो कितनी अच्छी दिख रही है. जब हम इस बात पर ध्यान देने लगते हैं कि लोग क्या सोचेंगे, तब हम यह भूल जाते हैं कि हमें कैसा महसूस हो रहा है.

सुरक्षित रिश्ते की पहचान

अगर आप बिना घबराए वैलेंटाइन डे छोड़ सकते हैं, तो यह एक अच्छी बात है. इसका मतलब है:
आप दोनों के बीच भरोसा है.
बातचीत खुलकर होती है.
एक-दूसरे से तुलना नहीं करते.
दिखावे की जरूरत नहीं.

इसका यह मतलब नहीं कि फूल या डिनर गलत हैं. अगर आपको अच्छा लगता है, तो जरूर मनाइए. लेकिन अगर दबाव महसूस हो रहा है, तो खुद को आज़ाद रखिए.

प्यार सिर्फ प्रेमी तक सीमित नहीं

जब रिश्ता मजबूत होता है, तो आपका पार्टनर आपकी पूरी दुनिया नहीं बनता. तब आप बहन, दोस्त, परिवार के साथ भी प्यार बाँट पाते हैं. दोस्तों और भाई-बहनों का प्यार हमें संतुलित और खुश रखता है.प्यार किसी एक दिन की दौड़ नहीं है. प्यार वह शांत, लंबा सफर है, जो दो लोग रोज़ साथ तय करते हैं.इस वैलेंटाइन डे पर मैं अपनी बहन के साथ हँसूँगी. और जब घर लौटूँगी, तो मेरा पति वहीं होगा, आराम से.और यही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है.

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