
रीमा राय सिंह, प्रसिद्ध लेखिका, मुंबई
सहारनपुर / नासिक।
ग्राम सबदलपुर, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में जन्मे और पले-बढ़े सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार डॉ. प्रमोद कुमार कुश ‘तन्हा’ को उनके ग़ज़ल-संग्रह ‘लकीरों का सफ़र’ के लिए वर्ष 2026 का ‘विद्योत्तमा साहित्य सुधाकर सम्मान’ प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था विद्योत्तमा फाउंडेशन, नासिक (महाराष्ट्र) द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
डॉ. प्रमोद कुमार कुश ‘तन्हा’ ने सबदलपुर, सहारनपुर, मेरठ और दिल्ली (आई.आई.टी.) से शिक्षा प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो (भारत सरकार) में विभिन्न राज्यों में कार्य करते हुए निदेशक पद से अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शासकीय सेवा के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और बॉलीवुड में भी निरंतर सृजनात्मक योगदान देकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। पिछले तीन दशकों में डॉ. तन्हा को राज्यीय और राष्ट्रीय स्तर पर अनेक साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इसी क्रम में देवप्रभा प्रकाशन, ग़ाज़ियाबाद से प्रकाशित उनके ग़ज़ल-संग्रह ‘लकीरों का सफ़र’ को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जा रहा है। यह सम्मान 11 जनवरी 2026 को नासिक (महाराष्ट्र) में आयोजित एक भव्य साहित्यिक समारोह में प्रदान किया जाएगा।
डॉ. प्रमोद कुमार कुश ‘तन्हा’ न केवल मुंबई बल्कि पूरे भारत में ग़ज़ल की दुनिया में एक प्रतिष्ठित और सम्मानित नाम माने जाते हैं। इस सम्मान की घोषणा से साहित्य एवं फ़िल्म जगत में हर्ष का वातावरण है। साथ ही उनके पैतृक गांव सबदलपुर, सहारनपुर, मेरठ, दिल्ली, अहमदाबाद और ग़ाज़ियाबाद में रहने वाले उनके प्रशंसकों में भी विशेष प्रसन्नता देखी जा रही है।