मुंबई में ‘बतरस’ ने रचा प्रेम का बहुरंगी महोत्सव
बतरस’ द्वारा आयोजित ‘है प्रेम जगत में सार’ कार्यक्रम में कवि विनोद दास ने प्रेम को सांस्कृतिक प्रतिरोध बताते हुए समाज में संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। कविता, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने शाम को यादगार बना दिया।