फैशन नहीं, सेफ्टी चुनें

मार्बल फर्श पर फिसलने का खतरा

फुटवियर की अनदेखी पड़ सकती है भारी

सुरेश परिहार, पुणे (महाराष्ट्र)

अक्सर जब कोई फिसलकर गिरता है, तो दोष फर्श, पानी या जल्दबाज़ी को दे दिया जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि कई घरेलू और सार्वजनिक दुर्घटनाओं की जड़ हमारे पैरों में पहना गया गलत फुटवियर होता है। चमकदार मार्बल हो या ग्रेनाइट की फर्श, असली खतरा तब पैदा होता है जब उस पर गलत सोल वाले चप्पल या जूते रख दिए जाते हैं।

आज की आधुनिक जीवनशैली में लोग फैशन, ब्रांड और रंग पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन जूते-चप्पल की सुरक्षा क्षमता को नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही कई बार एक मामूली फिसलन को हड्डी टूटने जैसी गंभीर दुर्घटना में बदल देती है।

आधुनिक घर, बढ़ता जोखिम

आजकल घरों, मॉल, ऑफिस और अस्पतालों में पॉलिश्ड मार्बल, सिरेमिक टाइल्स और ग्रेनाइट फ्लोर आम हो गए हैं। ये सतहें वैसे ही चिकनी होती हैं और अगर उस पर पानी, साबुन या तेल गिर जाए, तो स्थिति और खतरनाक हो जाती है।
ऐसे में यदि आपके चप्पल या जूते का तला चिकना है, तो स्लिप होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सीढ़ियां—खासतौर पर स्टील या मार्बल की इस मामले में सबसे ज्यादा जोखिम वाली जगह बन जाती हैं। एक हल्की सी चूक से कूल्हे, कमर या रीढ़ की हड्डी तक को नुकसान पहुंच सकता है।

नंगे पैर भी नहीं हैं सुरक्षित

अक्सर लोग सोचते हैं कि घर के अंदर नंगे पैर चलना सुरक्षित होता है, लेकिन चिकनी फर्श पर यह भी उतना ही खतरनाक हो सकता है। फिसलन भरी सतह पर ग्रिप वाले घरेलू चप्पल पहनना कहीं ज्यादा सुरक्षित विकल्प है। साथ ही, सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय जल्दबाजी और भागदौड़ से बचना बेहद जरूरी है।

इमरजेंसी में दूसरों के जूते—छिपा खतरा

जल्दबाजी या आपात स्थिति में दूसरों के जूते या चप्पल पहन लेना भी जोखिम भरा हो सकता है। हर व्यक्ति का फुटवियर उसके चलने के तरीके के अनुसार घिसा होता है। ऐसे में घिसे या चिकने तले वाले जूते आपको असंतुलित कर सकते हैं।

असली हीरो या विलेन : जूते का तला

फुटवियर खरीदते समय सबसे अहम भूमिका उसके सोल यानी तले की होती है। तला बहुत सख्त, बहुत चिकना या पूरी तरह सपाट नहीं होना चाहिए। अच्छा सोल वह होता है जिसमें ग्रिप, लचीलापन और फ्रिक्शन तीनों का संतुलन हो। दिखने में आकर्षक प्लास्टिक सोल वाले फुटवियर अक्सर सबसे ज्यादा फिसलन वाले साबित होते हैं।

बुजुर्गों के लिए खतरा दोगुना

बुजुर्गों की हड्डियां नाजुक होती हैं और गिरने पर फ्रैक्चर का खतरा अधिक रहता है। इसलिए उनके लिए एंटी-स्लिप, सही फिट और हल्के फुटवियर चुनना बेहद जरूरी है। साथ ही, पुराने और घिस चुके जूते-चप्पल समय रहते बदल देना चाहिए।

सही साइज, सुरक्षित कदम

बहुत छोटे जूते पैरों में दर्द और संतुलन बिगाड़ते हैं, जबकि बड़े साइज के जूतों में पैर फिसलने का खतरा रहता है। इसलिए हमेशा अपने पैर के सही नाप का फुटवियर ही पहनें।

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