सुबह की पहली किरण के साथ उबलती चाय की खुशबू हो, या शाम की थकान में एक गर्म कप का सहारा चाय भारत में सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि एक एहसास है. यह रिश्तों को जोड़ती है, बातचीत को शुरू करती है और मन को ठहराव देती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही चाय अगर सही तरीके से न पी जाए, तो सेहत को नुकसान भी पहुँचा सकती है? विशेषज्ञों के अनुसार, चाय के फायदे केवल उसकी पत्तियों में नहीं, बल्कि उसे पीने के समय, तापमान और मात्रा में छुपे हैं.
कब पी जाए चाय, यही तय करता है असर
दिन की शुरुआत में चाय शरीर को ऊर्जा देती है, लेकिन दिन ढलने के बाद यही चाय नींद की दुश्मन बन जाती है. चाय में मौजूद कैफीन देर शाम या रात में पीने पर नींद को प्रभावित करता है. लगातार खराब नींद हृदय रोग, याददाश्त कमजोर होने और उम्र घटने का कारण बन सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि दूध वाली या काली चाय नाश्ते के बाद लेना सबसे सुरक्षित है. शाम के बाद कैफीन से दूरी और हर्बल चाय की ओर रुख बेहतर विकल्प है. दिन में दो से तीन कप चाय काफी मानी जाती है.
बहुत गर्म चाय, धीरे-धीरे बन सकती है खतरा
भाप उड़ाती चाय पीना कई लोगों की आदत है, लेकिन यही आदत वर्षों बाद गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है. शोध बताते हैं कि 65 डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्म पेय गले और भोजन नली को नुकसान पहुँचा सकते हैं. लंबे समय तक ऐसा करने से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है.थोड़ी देर चाय को ठंडा होने देना, स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है.
एक कप में छुपी लंबी उम्र की उम्मीद
चाय में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सिडेंट शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. ये सूजन कम करते हैं, दिल को स्वस्थ रखते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं. ग्रीन टी मेटाबॉलिज़्म और दिमागी सेहत को बेहतर बनाती है, जबकि ब्लैक टी हृदय की रक्षा करती है.
सही तरीके से बनी चाय, असली चाय
जरूरत से ज्यादा उबालने या खौलते पानी में चाय डालने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. सही तापमान और सही समय तक बनी चाय ही असली फायदा देती है. ढीली पत्ती वाली चाय, टी बैग से ज्यादा लाभकारी मानी जाती है.एक कप चाय, अगर सही तरीके से पी जाए, तो सिर्फ सुकून नहीं देती, बल्कि बेहतर सेहत और लंबी उम्र का रास्ता भी खोलती है.