रेशम के धागों से बाजार तक

सेंट्रल रेलवे ने खोला किसानों के लिए नई कमाई का रास्ता

रामनगरम के विश्वप्रसिद्ध रेशम बाजार तक सीधे पहुंचा महाराष्ट्र का कोकून

मुंबई. सेंट्रल रेलवे ने रेशम उत्पादकों के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है. महाराष्ट्र के सोलापुर और पंढरपुर से एशिया के सबसे बड़े रेशम कोकून बाजार रामनगरम तक सीधे रेशम कोकून के परिवहन की शुरुआत कर रेलवे ने किसानों को बड़े बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम तैयार किया है. यह पहल न केवल परिवहन सुविधा तक सीमित है, बल्कि रेशम किसानों की आय बढ़ाने और मूल्य संवर्धन की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.

रामनगरम, कर्नाटक में स्थित एशिया का सबसे बड़ा रेशम कोकून बाजार है, जहां देशभर से व्यापारी और उद्योगपति उच्च गुणवत्ता वाले कोकून की खरीद के लिए पहुंचते हैं. यहां बोली के जरिए कोकून की बिक्री होती है, जिससे किसानों को प्रतिस्पर्धी और बेहतर कीमत मिलती है. अब तक सेंट्रल रेलवे के माध्यम से 535 पैकेजों में 14,939 किलोग्राम रेशम कोकून रामनगरम बाजार तक सुरक्षित रूप से पहुंचाए जा चुके हैं.

रेलवे के जरिए सीधे बाजार तक पहुंच मिलने से किसानों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इससे परिवहन लागत में कमी आएगी और कोकून की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर और सुरक्षित परिवहन रेशम उद्योग में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, क्योंकि ताजा कोकून की गुणवत्ता ही उसके बाजार मूल्य को तय करती है.

सेंट्रल रेलवे की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा सहारा बन रही है. कोकून उत्पादन से जुड़े हजारों किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और कुटीर उद्योग अब सीधे राष्ट्रीय स्तर के बाजार से जुड़ रहे हैं. इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रेशम आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार है जब रेशम कोकून जैसी संवेदनशील और उच्च मूल्य वाली कृषि उपज का नियमित और संगठित रेल परिवहन शुरू किया गया है. आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य राज्यों और रेशम उत्पादक क्षेत्रों तक विस्तार देने की योजना भी बनाई जा रही है.

किसानों को सीधी बाजार पहुंच, बेहतर दाम और कम लागत वाला परिवहन उपलब्ध कराते हुए सेंट्रल रेलवे की यह पहल रेशम के धागों को न केवल बाजार से जोड़ रही है, बल्कि किसानों की आर्थिक मजबूती का भी आधार बन रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *