पुणे में गूंजेगा सुरों का संगम

तीन दिवसीय भीमसेन जोशी महोत्सव 12 सितंबर से

गुरुकुल कलाश्री संगीत मंडल और द औंध सोशल फाउंडेशन संयुक्त रूप से 12वां *भारत रत्न पं. भीमसेन जोशी संगीत महोत्सव* 12, 13 और 14 सितंबर को औंध स्थित *भारत रत्न पं. भीमसेन जोशी रंगमंदिर* में आयोजित कर रहे हैं। यह जानकारी आज आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में  गुरुकुल कलाश्री संगीत मंडल  के संस्थापक एवं किराना घराने के गायक पं. सुधाकर चव्हाण  और द औंध सोशल फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष, आर्किटेक्ट  अभिजीत सुभाष गायकवाड़  ने दी।
महोत्सव तीनों दिनों में शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक होगा। यह महोत्सव  निःशुल्क और सर्वसाधारण के लिए खुला  रहेगा। प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा और कुछ सीटें आमंत्रित अतिथियों के लिए आरक्षित होंगी।
प्रेस वार्ता में  द औंध सोशल फाउंडेशन  के सचिव  शिरीष नाईकरे पाटील गुरुकुल कलाश्री संगीत मंडल की ट्रस्टी एवं गायिका  शाश्वती चव्हाण  और ट्रस्टी  शशी सुधांशु भी उपस्थित थे।
पं. सुधाकर चव्हाण ने बताया “संगीत प्रेमियों को नवोदित प्रतिभाओं और वरिष्ठ कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से, हम पिछले 11 वर्षों से औंध में इस महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं। इस वर्ष 12वां संस्करण है और हमें विश्वास है कि संगीत प्रेमी हमेशा की तरह उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।” अभिजीत सुभाष गायकवाड़ ने जानकारी दी कि इस वर्ष का भारत रत्न पं. भीमसेन जोशी पुरस्कार  बेलगावी के विश्वप्रसिद्ध बांसुरी वादक पं. राजेंद्र कुलकर्णी  को प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार महोत्सव के तीसरे दिन (14 सितंबर) को प्रदान किया जाएगा।
महोत्सव का कार्यक्रम
12 सितंबर (शुक्रवार): भारतरत्न पं. भीमसेन जोशी के पोते एवं किराना घराने के गायक 

विराज जोशी  इसके बाद बांसुरी वादन पं. प्रवीण गोडखिंडी और समापन गायिका रोंकिनी गुप्ता के गायन से होगा।
13 सितंबर (शनिवार): शुरुआत गायक पं. सुधाकर चव्हाण से, इसके बाद पद्मश्री पं. विजय घाटे का तबला एकल और समापन गायक पं. राम देशपांडे के साथ।
14 सितंबर (रविवार): शुरुआत गायिका आरती नायक से और समापन प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना  शर्वरी जमेनीस** एवं तबला वादक निखिल फाटक के विशेष कार्यक्रम *कथक-तबला मिलाफ – कपल ऑफ़ मेनी थिंग्स* से होगा।
साथ संगत:
हारमोनियम – उमेश पुरोहित, प्रभाकर पांडव, गंगाधर शिंदे, नीलय सालवी, अभिषेक शिनकर।
तबला – पं. रामदास पळसुले, पांडुरंग पवार, किशोर कोरडे, अजिंक्य जोशी, नंदकिशोर ढोरे।
गायन संगत – सुरंजन खंडाळकर।
पखावज – गंभीर महाराज।
संचालन – आकाश थिटे।

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