स्त्री

अवंतिका विशाल अवि, प्रसिद्ध लेखिका, लुधियाना (पंजाब)

हर ताले की चाबी
होती है इनके पास।
सबकी ज़रूरतों,
सबके सपनों का ताला
बड़ी आसानी से खोल लेती हैं —
बस, नहीं होती
इनके पास
ख़ुद की मनमर्ज़ी की चाबी।

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