सोच

डॉ ऋषिका वर्मा, गढ़वाल (उत्तराखंड)

हमें हम जो हैं, वो बनाती है सोच,
भीड़ से अलग दिखाती है सोच
लोग तो घमंड करते हैं दौलत पर,
लेकिन असली दौलत है सोच

मरना तो सबको एक दिन है ही,
मगर मरने तक जीना सिखाती है सोच
अकेले ही आते हैं सब दुनिया में,
अच्छे दोस्त, अच्छे लोगों से मिलाती है सोच

इसलिए कोशिश करें कि
हमारी सोच सकारात्मक हो,
हमारी सोच सृजनात्मक हो,
हमारी सोच अहिंसात्मक हो।

क्योंकि हमारी सोच से ही हम हैं,
हमारी सोच ही समाज बनाती है।
यही सोच जानवर से इंसान
और इंसान से हमें महान बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *