मैं सत्तर वर्ष की हूँ और जीवन ने मुझे यह सिखाया है कि लोग आते-जाते रहते हैं, बिल्कुल ऋतुओं की तरह।
कुछ लोग बसंत की तरह आते हैं—गरमाहट, उजास और नई उम्मीदों से भरे हुए।
और कुछ शीत की आँधी की तरह अचानक चले जाते हैं, भारीपन छोड़कर, बिना किसी पूर्व संकेत के।
युवावस्था में मुझे लगता था कि जिनसे मैं प्रेम करती हूँ, वे सदा मेरे साथ रहेंगे।
बचपन के दोस्त, पड़ोसी, रिश्तेदार—सब जीवनभर जुड़े रहेंगे।
पर समय ने सिखाया कि कई लोग दूर हो जाते हैं।
नौकरियाँ उन्हें ले जाती हैं, समय की धारा अलग कर देती है, और दूरी धीरे-धीरे खामोशी में बदल जाती है।
पहले यह सब बहुत पीड़ादायक लगता था।
हर विदाई ऐसा लगती जैसे मेरा कोई हिस्सा खो गया हो।
बरामदे में बैठकर मैं सोचती—क्या गलती मेरी थी?
क्या मैं इतनी क़ाबिल नहीं थी कि लोग रुकते?
फिर एक दिन परिवर्तन हुआ।
मेरी पुरानी मित्र शीला मिलने आई।
हम बारह वर्ष की उम्र से साथ हैं।
हम सालों नहीं मिलते, कभी महीनों तक बात नहीं होती।
पर उस शाम जब वह मेरे पास बैठी, लगा मानो समय थम गया हो।
हमने पुराने किस्सों पर हँसी बाँटी, अधूरी बातें पूरी की और उसी क्षण समझ आया…
कुछ लोग वास्तव में कभी दूर नहीं होते।
वे हमेशा आपके पास न सही, पर आपके लिए होते हैं—यही जीवन का रहस्य है।
हर किसी को पकड़कर रखने में नहीं, बल्कि उन लोगों को पहचानने में है जो आपको थामे रहते हैं।
वे जो आधी रात को आपका फ़ोन उठाएँ।
वे जो बिना याद दिलाए जन्मदिन याद रखें।
वे जो आपके चेहरे से आगे, आपकी आत्मा को देखें।
अब जब कोई दूर चला जाता है, मैं उन्हें प्रेम से विदा कर देती हूँ।
क्योंकि जो आपके लिए बने हैं, वे लौटकर आपकी चौखट की रोशनी तक अवश्य आते हैं।
तो यदि आपको अकेलापन सताए क्योंकि कोई छोड़ गया है, याद रखिए—
जीवन बड़ी खूबसूरती से चुनता है कि कौन आपका है।
हर कोई सदा के लिए नहीं रहता।
पर जो रहते हैं, वे हज़ारों जाने वालों से कहीं अधिक क़ीमती हैं।
सत्तर की उम्र में मैं पूरे दिल से कह सकती हूँ—
गिनती उन लोगों की मत कीजिए जो चले गए।
सहेज लीजिए उन्हें, जो ठहर गए।
वहीं आपकी असली कहानी है।

शारदा कनोरिया, प्रसिद्ध लेखिका, पुणे (महाराष्ट्र)
शारदा जी बहुत ही अच्छा लिखा है आपने, ऐसा महसूस हुआ जैसे मेरे ही मन के भाव हो ।
धन्यवाद आपका यह सिर्फ मेरी आपकी नहीं सभी की कहानी है।🙏
धन्यवाद आपका हमारी लेखनी तभी सफलहै जब आप उसे पसंद करें ❤️
सकारात्मकता भावों को लिए मनन योग्य कथन।
अपनी अनुभूति को बहुत सुन्दर एवं रोचक शब्दों से पिरोया है…. लगता है मेरे ही मन की बात।
धन्यवाद आपका आपने मेरे लिखे को सराहा 🙏❤️
यह मेरे आपके सभी केलिए है, निराशा के बादल छंट जायेंगे औरमन प्रसन्न होगा🙏
क्या खूब लिखा है जैसी हर किसी की कहानी हो जीवनी हो ऐसा ही होता है जिंदगी जो मिले उसे खुशी से लगा लो और जो नहीं वह ईश्वर की मर्जी समझ लो वास्तव में बहुत खूब लिखा 💗🎊🙏
सही है, कभी उसके पीछे मत भागो जो नहीं है, उसकी कद्र करो जो है❤️
Bahut achcha likha hai badhkar bahut achcha Laga super and duper
धन्यवाद आपका❤️
आपको पसंद आया यह मेरे लिए अमूल्य है।
धन्यवाद