‘अर्घ्य’ मराठी काव्य संग्रह का विमोचन

मुंबई से प्रसिद्ध लेखिका रीमा राय की रिपोर्ट

मुंबई
मुंबई भाषा परिषद द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में युवा कवि उमेश चव्हाण द्वारा रचित मराठी काव्य संग्रह ‘अर्घ्य’ का विमोचन प्रेस क्लब, मुंबई के सभागार में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रवीण देशमुख, मनोहर मंडवाले, अलका पाण्डेय, डॉ. सुलभा कोरे, पवन तिवारी और रामकुमार उपस्थित थे और उन्होंने पुस्तक का विमोचन किया।

कार्यक्रम का संचालन युवा कवयित्री पल्लवी रानी ने किया, जबकि संस्था के सचिव रामकुमार ने लेखक को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। विशेष अतिथि के रूप में हरिद्वार से पधारे ब्रह्मयोगी विकेश जी महाराज का सम्मान भी रचनाकार उमेश चव्हाण एवं रामकुमार ने किया।

कार्यक्रम के अंत में मराठी और हिंदी कवियों ने अपनी कविताओं की प्रस्तुतियाँ दी, जिससे कार्यक्रम और भी भावपूर्ण और आकर्षक बन गया।

पुस्तक की प्रशंसा करते हुए प्रवीण देशमुख ने कहा कि लेखक के पास भाव और शब्द का अद्भुत भंडार है। डॉ. सुलभा कोरे ने इसे प्रकृति और शिव के निकटतम कहा, जबकि मनोहर मंडवाले ने पुस्तक पर चर्चा करते हुए कुछ कविताओं का पाठ भी किया। अलका पाण्डेय ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसे हिंदी में भी प्रकाशित किया जाना चाहिए। पवन तिवारी ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में इसे पूजनीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम बताया। रामकुमार ने कहा कि यह संग्रह भाषा, भाव और प्रकृति की सुंदर अभिव्यक्ति है।

इस अवसर पर नंदा कोकाटे, कविता चव्हाण, प्रज्वल वागदरी, सूर्यकांत शुक्ल, राजहंस, वीणा, गंगाधर जाधव, अविनाश, लक्ष्मीकांत, रामस्वरूप साहू, त्रिलोचन अरोरा, नीलिमा पांडेय, डॉ. महिमा त्रिपाठी, तबीस रामपुरी, ओमप्रकाश पाण्डेय, अनिल, सरोज, कुसुम, विमला प्रज्ञा, लेखपाल, नंदलाल क्षितिज सहित कला, साहित्य और संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।कार्यक्रम ने साहित्य प्रेमियों को भावनाओं और कला के माध्यम से जोड़ते हुए एक यादगार शाम का अनुभव कराया।

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