मुंबई, मुंबई से प्रकाशित त्रैमासिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका सृजनिकाके छठे अंक का लोकार्पण मंगलवार, 26 अगस्त को कुर्ला स्थित यूकेएस इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एंड रिसर्च के सभागार में हुआ.
समारोह के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक (नॉन-फ्यूल बिज़नेस) मुरलीकृष्ण वेंकट वाद्रेवु ने हिंदी को व्यवसाय-वृद्धि की महत्वपूर्ण सहयोगी भाषा बताते हुए अपने अनुभव साझा किए. कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कुमार झा ने हिंदी में रोज़गार के अवसरविषय पर उपयोगी व्याख्यान दिया.
कवि एवं उद्घोषक आनंद प्रकाश सिंह ने भाषा, उच्चारण और व्यक्तित्व विकास पर विचार रखे. मुख्य उप-संपादक राजेश सिन्हा ने व्यवसाय की भाषा हिंदीपर कविता प्रस्तुत की, जबकि संपादक डॉ. अमरीश सिन्हा ने पत्रिका की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला.
समारोह का शुभारंभ रोशनी किरण की सरस्वती-वंदना एवं दीप-प्रज्ज्वलन से हुआ. संचालन डॉ. आरती जड़िया और प्रिंस ग्रोवर ने किया. आभार-प्रदर्शन मीडिया प्रभारी गजानन महतपुरकर ने काव्यात्मक शैली में किया. इस अवसर पर यूकेएस इंस्टिट्यूट के टाइटल डोनर सौरभ कृष्ण शेट्टी, निदेशक डॉ. अनिल मेनन, आरपीएच रामनाथ पायडे कॉलेज के श्रेयस पायडे तथा बंत संघ इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन के सीईओ डॉ. प्रकाश मोरे उपस्थित रहे.
कार्यक्रम में कोंकण रेलवे के राजभाषा अधिकारी सदानंद चितले सहित बड़ी संख्या में साहित्य-प्रेमी, प्राध्यापक एवं विद्यार्थी शामिल हुए.

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वायर न्यूज, पुणे
दो वर्तमान को सत्य सरल
सुंदर भविष्य के सपने दो
हिन्दी है भारत की बोली
इसे अपने आप पनपने दो
बधाई हो सृजनिका पत्रिका आपको 🌹