भारत में नीली आंखें: एक रहस्यमयी विरासत

भारत की गलियों में जब कोई बच्चा नीली आंखों के साथ मुस्कराता है या जब पर्दे पर ऋतिक रोशन, करिश्मा कोटक या निकोल फारिया जैसे सितारों की नीली आंखें चमकती हैं, तो एक सवाल हर किसी के मन में जरूर उठता है भारत जैसे सांवले-त्वचा प्रधान देश में ये नीली आंखें आखिर आई कहां से?भारत की आबादी में गहरी भूरी आंखें आम हैं, लेकिन नीली आंखें एक रहस्यमयी विरासत की तरह सामने आती हैंजो न सिर्फ सौंदर्य का प्रतीक हैं, बल्कि हमारी जीन विविधता, ऐतिहासिक संपर्कों और हजारों वर्षों की मानव प्रवास की कहानी भी कहती हैं्.क्या ये नीली आंखें सिर्फ विदेशी प्रभाव का नतीजा हैं या भारतीय उपमहाद्वीप की गहराई में छुपी कोई पुरातन कड़ी? इस लेख में हम विज्ञान, इतिहास और सांस्कृतिक प्रभावों की मदद से भारत में नीली आंखों की उपस्थिति के पीछे छिपे रहस्यों को उजागर करने की कोशिश करेंगे.

नीली आंखें: सौंदर्य या आनुवंशिक रहस्य?

नीली आंखें सदियों से सौंदर्य का प्रतीक मानी जाती रही हैं्. भारत में जब किसी की नीली आंखें दिखाई देती हैं, तो आश्चर्य होना लाज़मी है क्योंकि यह हमारे आम आनुवंशिक गुणों से मेल नहीं खाता. तो सवाल उठता है: भारत में नीली आंखें कहां से आईं? नीली आंखों का वैज्ञानिक रहस्यनीली आंखें एक विशेष जीन म्युटेशन का परिणाम होती हैं्. वैज्ञानिकों के अनुसार यह म्युटेशन लगभग ६,००० से १०,००० साल पहले यूरोप के आसपास संभवतः काला सागर के क्षेत्र में हुआ था.हमारी आंखों का रंग मेलानिन नामक पदार्थ पर निर्भर करता है. नीली आंखों में मेलानिन की मात्रा बहुत कम होती है, जिससे आंखें हलके नीले रंग की प्रतीत होती हैं

भारत में नीली आंखें कैसे पहुंचीं?

१. आर्य प्रवास लगभग १५०० ईसा पूर्व, आर्य मध्य एशिया से भारत आए्. ये लोग स्टेपी क्षेत्र के थे जहॉं नीली आंखें आम थीं्. इनके जीन भारतीय जनसंख्या में घुलमिल गए और खासकर उत्तर भारत में नीली आंखों का प्रसार हुआ्

.२. यूनानी, शक, कुषाण और हूण आक्रमणमौर्यकाल के बाद यूनानी और फिर शक व कुषाण जैसे मध्य एशियाई आक्रमणकारी भारत आए्. ये जातियां शारीरिक रूप से यूरोपीय मिश्रित थीं्. इनके वंशज आज भी कश्मीर, हिमाचल और पंजाब में पाए जाते हैं्

.३. मुगल और तुर्क शासकमुगल और तुर्क भी मध्य एशिया से आए्. उनमें से कई राजवंशों में नीली या हरी आंखें आम थीं्. उनका प्रभाव भी भारतीय जीन पूल में शामिल हुआ.

४. औपनिवेशिक प्रभाव ब्रिटिश, फ्रेंच, पुर्तगाली और डच लोगों ने भी भारत में लंबे समय तक शासन किया. गोवा, मुंबई और कोलकाता जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय प्रभाव के कारण नीली आंखों वाले वंशज पाए जाते हैं्.

भारत में नीली आंखें कहां अधिक देखी जाती हैं?

कश्मीर और लद्दाख: अफगान और तुर्क वंशों का प्रभावहिमाचल और उत्तराखंड: आर्य प्रवास और मध्य एशियाई जड़ेंपंजाब: शक-कुषाण प्रभावगोवा और तटीय क्षेत्र: पुर्तगाली उपनिवेश का प्रभाव

सुरेश परिहार, पुणे

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