मुस्कुराना लाजमी है

मुस्कुराता हुआ व्यक्ति सूर्योदय की रोशनी में खड़ा, जीवन में सकारात्मक सोच और उम्मीद का प्रतीक

मेघा अग्रवाल, प्रसिद्ध लेखिका, नागपुर (महाराष्ट्र)

किसी को अपना बनाना है,
प्यार-इज्जत अगर पाना है तो
मुस्कुराना लाजमी है।

अजनबी को देख कुछ होने लगे
और दोस्ती गर बढ़ाना है तो
मुस्कुराना लाजमी है।

उजड़े चमन को गुलजार कर
फूल अगर खिलाना है तो
मुस्कुराना लाजमी है।

दुःख आते-जाते हैं मगर,
सुख अगर पाना है तो
मुस्कुराना लाजमी है।

कभी मन हो उदास और
दुनिया लगे सूनी तो
मुस्कुराना लाजमी है।

जब टूटे सपना कोई और
मुकाम हासिल करना हो तो
मुस्कुराना लाजमी है।

ऊँचाइयों को पाना है गर तुम्हें,
अरमानों को पंख देना है तो
मुस्कुराना लाजमी है।

धोखे की इस दुनिया में
जीना है जिंदगी तो
मुस्कुराना लाजमी है।

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