गुलाल, गीत और मुस्कान

यादगार बना न्यू शिवाजी नगर का फाग उत्सव

प्रिया और दामिनी की झांकी ने जीवंत किया राधा-कृष्ण का दिव्य प्रेम

महिदपुर रोड (उज्जैन) से सुनील परिहार की रिपोर्ट

न्यू शिवाजी नगर।
रविवार का दिन न्यू शिवाजी नगर में केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भावनाओं, भक्ति और बहनापे की मधुर सरगम बन गया। मातृशक्ति भजन मंडली द्वारा आयोजित फाग उत्सव 2026 ने रंगों से अधिक दिलों को रंग दिया। वातावरण में उड़ते गुलाल के साथ भजनों की स्वर-लहरियां ऐसी गूंज रही थीं मानो हर हृदय एक ही भाव में धड़क रहा हो।

कार्यक्रम की आयोजिका रश्मि परिहार ने मंडली की सभी महिलाओं का पुष्पहार से आत्मीय स्वागत करते हुए फाग की शुभकामनाएँ दीं। उनके शब्दों में केवल परंपरा का सम्मान ही नहीं, बल्कि महिलाओं की एकता और सांस्कृतिक शक्ति का गर्व भी झलक रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सहयोग और सांस्कृतिक निरंतरता को सशक्त बनाते हैं।

राधा बनी प्रिया और कृष्ण बनी दामिनी

उत्सव का सबसे भावुक और आकर्षक क्षण तब आया जब “राधा-कृष्ण झांकी” सजी।प्रिया पड़िहार ने राधा का सजीव रूप धारण किया और दामिनी धनोतिया ने कृष्ण का मनमोहक स्वरूप साकार किया। दोनों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति, पारंपरिक वेशभूषा और भक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुति ने उपस्थित महिलाओं का मन मोह लिया। ऐसा लगा मानो वृंदावन की दिव्यता उसी स्थल पर उतर आई हो। भजनों और फाग गीतों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।


जब महिलाओं ने एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाया, तो वह केवल परंपरा निभाना नहीं था, बल्कि स्नेह, अपनत्व और रिश्तों की मिठास को एक-दूसरे के साथ बांटना था। हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर आंख में खुशी की चमक।इस अवसर पर धनोतिया परिवार से श्रीमती चमेली धनोतिया, बेबी धनोतिया, नीतू धनोतिया, संगीता धनोतिया, अर्चना धनोतिया, वीनू धनोतिया और सुमित्रा धनोतिया विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

आयोजिका रश्मि परिहार, सुनील परिहार, दामिनी और प्रिया

इसके अतिरिक्त हेमलता पोरवाल, कविता फरक्या, सरिता व्यास, राम कन्या पड़िहार, सुमित्रा मीणा और साक्षी मीणा सहित मंडली की अन्य सदस्याओं ने भी उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाया।

हंसी, गीत, नृत्य और रंगों से सजा यह फाग उत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि महिलाओं की एकता, श्रद्धा और प्रेम का जीवंत प्रतीक बन गया।इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब संस्कृति और भक्ति साथ आती हैं, तो समाज में प्रेम, सौहार्द और आनंद की नई किरण जगमगा उठती है।

2 thoughts on “गुलाल, गीत और मुस्कान

  1. हमारे यहां की गौरवशाली परंपराएं रंग-बिरंगे त्यौहार को प्रेम सौहार्द अपनेपन के साथ श्री कृष्ण राधा स्वरूपों के साथ मनाने का आनंद शानदार आयोजन सभी मातृशक्ति एवं उत्सव प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं 🎉💐🎇🎇🎇
    आयोजन परिहार परिवार हार्दिक 🙏अभिनंदन 🙏

  2. ये परंपरा हमारी कॉलोनी न्यू शिवाजी नगर महिदपुर रोड में विगत कई वर्षों से चली आ रही है। मातृशक्ति भजन मंडली एक बहुत ही सामाजिक कार्य में और धार्मिक कार्य में बहुत एक्टिव ग्रुप है। इस ग्रुप में कई प्रकार के कार्यक्रम होते है। इनमे से फाग उत्सव एक बहुत ही मस्ती भरा, रंगों से भरा ,उत्साह भरा त्योहार है। बहुत सुंदर।बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं। बहुत ही सराहनीय प्रोग्राम रहा।🙏🌺

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