दगडूसेठ गणपति को अर्पित फूलों से प्रतिदिन बनती है ३०० किग्रा खाद

किसानों की जाती है निःशुल्क खाद वितरित

श्रीमंत दगडूसेठ गणपति के चरणों में श्रद्धापूर्वक अर्पित फूल, मालाओं और नारियल से बना निर्माल्य अब किसानों के जीवन में खुशियां बिखेर रहा है. पिछले नौ वर्षों से, रोटरी क्लब ऑफ पुणे युवा इस निर्माल्य को एक नया अर्थ दे रहा है. गणेशोत्सव भक्ति, आस्था और उत्साह का उत्सव है. इस उत्सव के दौरान हर साल बड़ी मात्रा में गणेश मूर्ति पर अर्पित फूलों-पत्तों से निर्माल्य बनता है. यह निर्माल्य एकत्रित कर उसका खाद बनाया जाता है. श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट के गणेशोत्सव के दौरान एकत्रित निर्माल्य को डीपी रोड स्थित जोशी किचन के पास स्थापित ‘निर्माल्य श्रेडिंग प्रोजेक्ट’ में ले जाया जाता है. वहां, निर्माल्य का चूर्ण बनाकर उसकी जैविक खाद तैयार की जाती है. वह खाद अन्नदाता किसान को निःशुल्क दी जाती है.
प्रतिदिन १ टन निर्माल्य से लगभग ३०० किलोग्राम खाद तैयार होती है. इस वर्ष इस परियोजना का नौवां वर्ष प्रारंभ हुआ है. इस परियोजना का कार्य क्लब के अध्यक्ष अविनाश डोईफोड़े, सचिव दिनेश अंकम और परियोजना समन्वयक मनोज धारप सहित अन्य सदस्यों द्वारा किया जा रहा है. क्लब के निनाद जोग ने बताया कि इस परियोजना में गणेशोत्सव के दौरान एकत्रित निर्माल्य को लाया जाता है और उस निर्माल्य से खाद तैयार की जाती है. श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई गणपति ट्रस्ट इसमें भरपूर सहयोग करता है. उत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह नौ से दस बजे के बीच एक टेम्पो उनके पास पहुंचता है और वे हमें प्रतिदिन लगभग २० बैग, यानी लगभग १ टन निर्माल्य, देते हैं.

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