प्रेम की राह पर सरकारी ब्रेक

गुजरात में लव मैरिज से पहले परिवार की मंजूरी और अफसर की मुहर जरूरी

गुजरात सरकार प्रेम विवाह और घर से भागकर शादी करने वाले जोड़ों के लिए विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को और सख्त करने की तैयारी में है. प्रस्तावित नियमों के तहत अब ऐसे विवाहों का पंजीकरण क्लास-2 अधिकारी की मंजूरी से ही हो सकेगा, जबकि अब तक यह प्रक्रिया क्लास-3 अधिकारी यानी तलाटी के स्तर पर पूरी हो जाती थी.

नई व्यवस्था के अनुसार, विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर प्रशासन की ओर से वर-वधू के परिवारों को नोटिस भेजा जाएगा. परिवार को 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति या सहमति दर्ज करानी होगी. यदि इस अवधि में परिवार की ओर से कोई आपत्ति जताई जाती है, तो क्लास-2 अधिकारी पूरे मामले की जांच करेगा. जांच पूरी होने तक विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया स्थगित रहेगी. सूत्रों के मुताबिक, आज होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है. मंजूरी मिलने के बाद सरकार की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी. इसे राज्य में प्रेम विवाह के पंजीकरण को लेकर अब तक का बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

यह कदम कुछ सामाजिक संगठनों और समुदायों की मांग के बाद उठाया गया है, जिनका कहना है कि प्रेम विवाह में माता-पिता की सहमति अनिवार्य की जानी चाहिए. विशेष रूप से पटेल और ठाकोर क्षत्रिय समुदायों की ओर से लंबे समय से इस तरह की मांग की जा रही थी.

इससे पहले वर्ष 2023 में गुजरात विधानसभा में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के विधायकों ने भी प्रेम विवाह पर सख्त नियमों की वकालत की थी. बजट सत्र के दौरान भाजपा विधायक फतेसिंह चौहान और कांग्रेस विधायक जेनिबेन ठाकोर ने वयस्कों द्वारा अपनी पसंद से किए गए विवाहों में भी माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने की मांग उठाई थी. साथ ही यह सुझाव दिया गया था कि ऐसे विवाह उसी तालुका में पंजीकृत हों, जहां वर या वधू निवास करते हों.विधायकों का तर्क रहा है कि बिना पारिवारिक सहमति के होने वाले प्रेम विवाह और पलायन कर शादी करने के मामलों से सामाजिक तनाव, पारिवारिक विवाद और अपराध बढ़ते हैं. कुछ मामलों में युवतियों के भागकर विवाह करने के बाद उत्पन्न हुई धमकियों और सामाजिक जटिलताओं का भी हवाला दिया गया है. अंतरजातीय विवाह, संपत्ति विवाद और तथाकथित लव जिहाद के मामलों को लेकर पहले से चल रही बहस के बीच गुजरात सरकार का यह कदम राज्य में विवाह पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक नियंत्रित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

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