नई शुरुआत

मीनू वर्मा, प्रसिद्ध लेखिका,नोएडा, उत्तरप्रदेश

पराजय को भूलकर अपनी,
करना विश्वास स्वयं पर होगा,
कामयाबी हासिल करने के लिए
शुरुआत पुनः करना होगा।

आने वाला कल निश्चित ही,
बेहतर आज से ज्यादा होगा,
प्रसन्नता को साथ रखो सदा अपने,
भविष्य में जरूरत अवश्य ही इसका होगी।

हँसो और हँसाओ सबको,
दहलीज़ पर अगला पल निश्चित ही
दस्तक खुशियों की देगा,
निराशा को दूर रखो खुद से,
आगे यह तुम्हें कभी बढ़ने नहीं देगा।

धैर्य पास रखो सदा, आने वाला लम्हा
निश्चित ही हसीन अत्यधिक होगा,
विश्वास बनाओ ज्ञान पर अपने,
मार्ग में तुम्हें यह कभी रुकने नहीं देगा।

हौसला बुलंद रखो सदा अपना,
कठिन घड़ी में झुकने, कभी यह नहीं देगा,
कर्म करो अच्छे सदा,
निश्चित ही नाम जहाँ में रोशन होगा।

टूटी हुई उम्मीदें,
हासिल खुशियों को कभी करने नहीं देंगे,
ध्यान रखो केंद्रित लक्ष्य पर सतत,
सफलता की राह प्रशस्त यह अवश्य करेगा।

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