एडोर डायबिटीज रिवर्सल सेंटर का नया स्थान

डॉ. दीक्षित ने बताई दीक्षित जीवनशैली से रोगियों को मिली राहत की सफलता

पुणे, : असोसिएशन फॉर डायबिटीज एंड ओबेसिटी रिवर्सल (एडोर) ने दीक्षित जीवनशैली के माध्यम से हजारों मरीजों को वजन कम करने और मधुमेह को दवा के बिना नियंत्रित करने में सहायता प्रदान की है। वरिष्ठ मधुमेह विशेषज्ञ और दीक्षित आहार के प्रणेता डॉ. जगन्नाथ दीक्षित ने आज एक पत्रकार परिषद में बताया कि एडोर के डायबिटीज रिवर्सल काउंसलिंग सेंटर में अब तक 3500 से अधिक रोगियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें छह महीने की अवधि में औसतन 6.2 किलोग्राम वजन कम हुआ है। इनमें से 3000 से अधिक मरीज पुणे और आसपास के क्षेत्रों से हैं।

डॉ. दीक्षित ने यह भी बताया कि लगभग 398 मधुमेह रोगियों ने कम से कम तीन महीने तक बिना दवा के अपने HbA1c स्तर को 6.5 से नीचे बनाए रखा है, जिनमें से 365 मरीज पुणे क्षेत्र के हैं। इसके अलावा, लगभग 35 से 40 रोगियों ने पूरी तरह से दवाएं छोड़ दी हैं और चार रोगियों ने दीक्षित जीवनशैली अपनाकर तंबाकू की लत से मुक्ति प्राप्त की है।

रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एडोर का सेंटर अब लॉ कॉलेज रोड स्थित नल स्टॉप के पास एपेक्स कॉलोनी में स्थानांतरित किया गया है, जो महिंद्रा उन्नति शोरूम के ऊपर स्थित है। यह स्थान राम पद्मा गोडबोले फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराया गया है। नया केंद्र सोमवार से शनिवार शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा और यहां सभी चिकित्सा जांच व परामर्श सेवाएं पूरी तरह से नि:शुल्क होंगी।

डॉ. दीक्षित ने बताया कि टाइप 2 मधुमेह एक जीवनशैली जनित रोग है जिसे दिन में दो बार भोजन और 45 मिनट के नियमित व्यायाम से दवा के बिना नियंत्रित किया जा सकता है। इस विधि को अपनाने के लिए किसी विशेष आहार, पूरक या खर्च की आवश्यकता नहीं होती – यह सरल, नि:शुल्क और सबके लिए सुलभ है।

उन्होंने यह भी बताया कि इन्फोसिस फाउंडेशन ने इस वर्ष भी एडोर के कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। इससे पहले, नवंबर-दिसंबर 2022 में पुणे और नागपुर में ‘इन्फोसिस फाउंडेशन डायबिटीज केयर प्रोग्राम’ के अंतर्गत विशेष केंद्र शुरू किए गए थे। नाशिक में सीटीआर कंपनी की मदद से एक प्रतिदिन संचालित केंद्र कार्यरत है। साथ ही ठाणे, कल्याण, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, विले पार्ले, सूरत, बेलगाम, मडगांव जैसे शहरों में भी सप्ताह में एक से तीन दिन कार्यरत केंद्र स्थापित किए गए हैं। हाल ही में बदलापुर और भायंदर में भी नए केंद्र शुरू किए गए हैं।

एडोर द्वारा एकत्रित रोगी डेटा के आधार पर कई शोध पत्र प्रकाशित किए गए हैं। फरवरी 2023 में ‘इंडियन जर्नल ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन’ में प्रकाशित एक शोध पत्र को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र घोषित किया गया।

मधुमेह की व्यापकता और गंभीरता को देखते हुए, डॉ. दीक्षित ने महाराष्ट्र सहित देशभर में और अधिक केंद्र स्थापित करने की योजना जताई है। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों को सतत रूप से संचालित करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों, कॉर्पोरेट प्रायोजकों और सामुदायिक भागीदारी की महत्त्वपूर्ण भूमिका है, और इसके लिए विशेष प्रयास जारी हैं।

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