गुज़र जाने के बाद…
तूफ़ान गुजरने के बाद बर्बादी की तस्वीर सामने थी। होश आया तो बस खालीपन और ग़म ही हाथ लगा। मेहंदी का नाम गीतों में मशहूर है, पर दुल्हन की हथेलियों पर उसका रंग तब ही सँवरता है जब वह अपने घर पहुँचती है। ज़िंदगी ने कई ज़ख्म दिए थे, मगर सबसे गहरा घाव तेरे मुकर जाने के बाद ही मिला। डर है कहीं जंगल भी इतिहास न बन जाएं और शजर खो देने पर हमें अपनी भूल पर पछताना न पड़े। अब कनक किससे अपना दिल का हाल कहे—प्यार का नशा तो आता है, पर उसका असर देर से समझ आता है, जब सब कुछ बीत चुका होता है।