अंशु सिंह ने शुरू किया भिक्षाटन अभियान
भागलपुर.
बिहार में शिक्षा की दिशा और दशा सुधारने के लिए शिक्षाविद्? और साहित्यकार ई. अंशु सिंह ने एक अनूठी पहल की है. शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होंने बिहार में 100 विश्वविद्यालय खोलने के लक्ष्य के साथ राज्यव्यापी भिक्षाटन अभियान की शुरुआत की. इस अभियान का उद्देश्य उच्च शिक्षा के विकल्प बढ़ाना और युवाओं को बिहार से बाहर पढ़ने की विवशता से मुक्त करना है. अभियान की शुरुआत भागलपुर में हुई, जहाँ बड़ी संख्या में शिक्षाविद्, प्राध्यापक और समाजसेवी उपस्थित रहे. इस अवसर पर ई. अंशु सिंह ने कहा कि यह केवल विश्वविद्यालय (university) खोलने की पहल नहीं है, बल्कि शिक्षा के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत है.
समाज से सहयोग और विद्वानों की प्रेरणा ही इस लक्ष्य को साकार कर सकती है. उन्होंने कहा हमारा सपना है कि आने वाले वर्षों में बिहार में 100 विश्वविद्यालय स्थापित हों. यदि इसी तरह समाज का सहयोग और संस्थानों का समर्थन मिलता रहा तो यह सपना जरूर पूरा होगा. यह कदम न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में शिक्षा की तस्वीर बदल देगा.
पहले दिन ही मिली बड़ी सफलता
अभियान के पहले ही दिन चार विश्वविद्यालय खोलने की सहमति सामने आ गई. युग चेतना फाउंडेशन के संरक्षक डॉ. शंभु दयाल खेतान ने भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड में राष्ट्रीय स्तर का विद्यालय और आगे चलकर डीम्ड विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की. टेकइंफी फाउंडेशन के निदेशक विक्रम कुमार और सी.ई.ए. हंसराज ने खगड़िया जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की सहमति दी. सुतारा सोशल इंपावरमेंट मिशन ट्रस्ट, (epowrment mission trust) पूर्णिया ने सुतारा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा की. यह संस्था पहले से 17 शैक्षणिक संस्थान संचालित कर रही है.टेक्नो जागृति विश्वविद्यालय, भागलपुर की स्थापना स्वयं ई. अंशु सिंह ने करने का ऐलान किया. उनका कहना है कि यह विश्वविद्यालय देशभर में गुणवत्तापूर्ण शोध और अध्ययन का केंद्र बनेगा. कार्यक्रम में डॉ. उग्रमोहन, डॉ. संजय जायसवाल, समाजसेवी राम गोपाल पोद्दार, संजय कुमार झा, रवि कुमार सहित कई विद्वान एवं प्राध्यापक मौजूद रहे. सभी ने ई. अंशु सिंह की इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया.

लाइव वॉयर न्यूज के लिए हेमा म्हस्के की रिपोर्ट