अटल ललाम: राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व की प्रतिमा

नमिता गुप्ता, लेखिका, लखनऊ

25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्म हुआ।
माता कृष्णा, पिता कृष्ण बिहारी पाई ईश दुआ।

बहुआयामी व्यक्तित्व धनी—कवि, पत्रकार, वक्ता थे।
प्रधानमंत्री, जनसेवक, अटल भारत रत्न विजेता थे।

राजनीति के अटल पुरोधा, देशभक्त वो न्यारे थे।
जनता के नायक, अद्भुत, कुशल, चितेरे प्यारे थे।

जनमानस में जनजागरण और राष्ट्रप्रेम अलख जगाई।
स्वदेश प्रेम, जीवन दर्शन, प्रकृति प्रेम की कविताई।

उन्नत ललाट, उन्नत विचार, उन्नायक जीवन दर्शन।
देश उन्नति पथ अग्रसर किया, परिष्कृत संवर्धन।

मातृभाषा शिक्षा से होता उत्तम समूल विकास।
अंधियारा चीरकर अरुणिम आभा, गगन प्रकाश।

कवि हृदय, ओजस्वी वाणी, दूरदर्शी, राष्ट्र प्रणेता।
राजनीतिक संघर्ष में जन्मे, राष्ट्रहित सर्वोपरि नेता।

आँख दिखा न पाए कोई, सैन्य सुरक्षित सीमाएं।
परमाणु परीक्षण से भारत की पहचान दिलाएं।

समग्र जीवन किया समर्पित ‘श्री’ राष्ट्रहित नाम।
विश्व गगन में चमकेगा ध्रुव तारा—अटल ललाम।

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