हर उम्र की वॉकिंग डोज़

उम्र के अनुसार कितनी देर चलना चाहिए? पूरी गाइड

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वॉयर न्यूज, पुणे

चलना (वॉकिंग) हर उम्र के लिए सबसे सरल, सुरक्षित और असरदार व्यायाम माना जाता है. इसके लिए न किसी महंगे उपकरण की जरूरत होती है और न ही विशेष प्रशिक्षण की. लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर की जरूरतें बदलती हैंमांसपेशियां, जोड़ों की क्षमता, हृदय की कार्यक्षमता और स्टैमिना सब अलग तरह से प्रतिक्रिया देते हैं. इसलिए हर आयु वर्ग के लिए चलने की अवधि भी अलग होनी चाहिए. वॉकिंग सबसे प्रभावी तब होती है जब इसे उम्र के अनुसार किया जाए. यह वन साइज फिट्स ऑलफ एक्सरसाइज नहीं है.
आयु वर्ग के अनुसार रोजाना चलने की अनुशंसित अवधि
5 से 12 वर्ष: रोज 60 मिनट

बच्चों को शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भरपूर गतिविधि की जरूरत होती है.
प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट चलना या खेलना फायदेमंद है.
यह हड्डियों को मजबूत करता है, दिल को स्वस्थ रखता है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाता है.
इस उम्र में चलना खेल-कूद के साथ मिलाकर कराया जाए तो आदत बनती है और बच्चे इसे बोझ नहीं समझते.
13 से 19 वर्ष (किशोरावस्था): 45-60 मिनट प्रतिदिन
टीनएज में पढ़ाई, प्रतियोगिता और भावनात्मक बदलाव के कारण तनाव बढ़ता है.
45-60 मिनट की तेज चाल से वॉक तनाव कम करती है और मूड संतुलित रखती है.
यह वजन नियंत्रण में मदद करती है और हृदय की सहनशक्ति (कार्डियोवैस्कुलर एंड्योरेंस) बढ़ाती है.
दोस्तों के साथ या संगीत सुनते हुए चलना नियमितता बनाए रखने में सहायक होता है.
20 से 40 वर्ष: 30-45 मिनट रोज
युवा और कामकाजी लोगों के लिए समय की कमी सबसे बड़ी चुनौती है.
रोज 30-45 मिनट की वॉक ऊर्जा स्तर बढ़ाती है और मांसपेशियों को मजबूत रखती है.
यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों के खतरे को कम करती है.
तेज चाल से चलने पर कैलोरी अधिक बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है.
ऑफिस ब्रेक या रोजाना की यात्रा में वॉक को शामिल करना आसान उपाय है.
40 से 60 वर्ष (मध्य आयु): 30- 40 मिनट प्रतिदिन
इस उम्र में वजन बढ़ना, जोड़ों में जकड़न और ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो जाती है.
30-40 मिनट की मध्यम गति से वॉक वजन नियंत्रण में मदद करती है.
यह इम्यून सिस्टम मजबूत करती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक होती है.
नियमित चलना याददाश्त कमजोर होने के जोखिम को भी कम करता है.
60 वर्ष से अधिक: 20-30 मिनट प्रतिदिन
वरिष्ठ नागरिकों के लिए हल्की लेकिन नियमित वॉक सबसे बेहतर मानी जाती है.
रोज 20-30 मिनट आरामदायक गति से चलना संतुलन, गतिशीलता और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है.
गिरने के खतरे को कम करता है और जोड़ों को सक्रिय रखता है.
जरूरत पड़ने पर बीच-बीच में आराम करें और संभव हो तो किसी साथी के साथ चलें.
रोजाना चलने के प्रमुख फायदे
हृदय स्वास्थ्य बेहतर
दिमाग तक रक्त प्रवाह बढ़ता है, तनाव हार्मोन कम होते हैं
वजन नियंत्रण और मेटाबॉलिज्म में सुधार
मूड बेहतर, अवसाद और तनाव में कमी
जोड़ों की मजबूती और लचीलापन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. क्या रोजाना वॉक करना ही पर्याप्त है?
    हाँ, 30 मिनट की तेज चाल से वॉक भी दिल की सेहत और ऊर्जा स्तर सुधारने के लिए पर्याप्त है.
  2. क्या वॉकिंग से वजन घटता है?
    नियमित और तेज चाल से चलने पर कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है.
  3. क्या वॉक मानसिक स्वास्थ्य सुधारती है?
    बिल्कुल. वॉकिंग एंडोर्फिन रिलीज करती है, जिससे तनाव कम होता है और मन शांत रहता है.
  4. क्या जोड़ों के लिए वॉक फायदेमंद है?
    हाँ, यह जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करती है और जकड़न कम करती है.
  5. चलने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
    कोई भी समय ठीक हैजरूरी यह है कि आप नियमित रहें. सुबह की वॉक ऊर्जा देती है, जबकि शाम की वॉक तनाव कम करती है.
    निष्कर्ष
    अगर लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य का कोई सरल मंत्र है, तो वह है नियमित रूप से चलना.
    यह जरूरी नहीं कि आप बहुत दूर तक चलें, बल्कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि आप अपनी उम्र और क्षमता के अनुसार रोज चलें.
    डिस्क्लेमर- यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है. इसे चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प न समझें. किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *