स्वयं के विवेक पर, जब अटूट विश्वास होगा,
परिस्थितियों से लड़ने का,हौसला जब साथ होगा,
परिश्रम कठोर करते हुए,
पालन जब अनुशासन का होगा,
लक्ष्य निश्चित ही हासिल होंगे तब
जब इरादा, पक्का और नेक होगा।
धैर्य और आशा का संबल,जब सदा ही साथ होगा,
असफलताओं से बिना घबराए,
जब प्रयास, सही दिशा में होगा,
जय निश्चित ही, कदमों को चूमेंगे तब
जब समयबद्धता का पूर्ण सम्मान होगा।
धीरता पास रखो सदा आने वाला लम्हा,
निश्चित ही हसीन अत्यधिक होगा,
विश्वास बनाओ ज्ञान पर अपने
मार्ग में तुम्हें यह कभी रुकने नहीं देगा।
हौसला बुलंद रखो सदा,
कठिन घड़ी में झुकने, कभी यह नहीं देगा,
कर्म करो अच्छे सदा….
नाम जहाँ में निश्चित रौशन होगा।
टूटी हुई उम्मीदें, हासिल खुशियों को,
कभी करने नहीं देगा, ध्यान रखो,
केंद्रित लक्ष्य पर सतत..
सफलता की राह प्रशस्त यह अवश्य करेगा।

मीनू वर्मा, प्रसिद्ध लेखिका, नोएडा (उत्तरप्रदेश)